➤ 330 करोड़ की सब्जी मंडी CBD और 140 करोड़ की हमीरपुर सिटी सेंटर परियोजना पर जोर
➤ CM बोले- आधुनिक व्यापारिक केंद्रों से कम होगी भीड़भाड़ और मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
हिमाचल प्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को बड़ी समीक्षा बैठक की। शहरी विकास विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने शिमला की बहुप्रतीक्षित सब्जी मंडी केंद्रीय व्यापारिक जिला (CBD) परियोजना और हमीरपुर की प्रस्तावित सिटी सेंटर परियोजना में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से विश्वस्तरीय व्यापारिक और आर्थिक केंद्र विकसित कर रही है। इन परियोजनाओं से शहरी क्षेत्रों में बढ़ती भीड़भाड़ कम होगी, संस्थागत अधोसंरचना मजबूत होगी और लोगों को आधुनिक व्यावसायिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में स्मार्ट पार्किंग, आधुनिक कॉमर्शियल स्पेस और ग्रीन-ब्लू सार्वजनिक क्षेत्रों का विकास किया जाएगा, जिससे शहरों की आपदा सहन क्षमता भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं के कार्यान्वयन में किसी प्रकार की देरी न करने के निर्देश देते हुए तय समयसीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि शिमला की सब्जी मंडी CBD परियोजना को दो चरणों में विकसित किया जाएगा, जिस पर कुल 330 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण पर 210 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से 160 करोड़ रुपये की राशि नगर निगम शिमला और लोक निर्माण विभाग को पहले ही जारी की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम शिमला को निर्देश दिए कि 53 आवास, छह शेड और एसजेपीएनएल कार्यालय को 11 मई तक खाली करवाया जाए। इसके अलावा पार्षद कार्यालय और खाद्य सुरक्षा कार्यालय को 15 मई तक तथा पांच दुकानों को 21 मई 2026 तक खाली करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इसके बाद लोक निर्माण विभाग 11 जुलाई 2026 तक निर्माण स्थल को पूरी तरह तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अगस्त 2026 तक निविदा प्रक्रिया पूरी करने के भी निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू किया जा सके।
वहीं हमीरपुर की 140 करोड़ रुपये की सिटी सेंटर परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नया बस स्टैंड जल्द पूरा होने वाला है। इसके बाद पुराने बस स्टैंड को हटाकर वहां आधुनिक सिटी सेंटर विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि शेष राशि पीपीपी मोड के माध्यम से जुटाई जाएगी। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी तैयार हो चुकी है।
उन्होंने एचआरटीसी को निर्देश दिए कि कब्जाधारकों को परिसर खाली करने के लिए नोटिस जारी किए जाएं। साथ ही लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि भूमि खाली होने के एक माह के भीतर निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
बैठक में लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह, प्रधान सचिव शहरी विकास देवेश कुमार, एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, निदेशक शहरी विकास डॉ. नीरज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



